महिषी में न्यासधारी नियुक्ति पर सवाल निरंजन कुमार ने रखा पक्ष पुराने दस्तावेजों का हवाला
Warning: Undefined variable $title_html in /home/u279818898/domains/saharsanow.com/public_html/wp-content/themes/newsphere/inc/youtube-subscribe-post-button.php on line 55
Warning: Undefined variable $wpstory_shortcode_html in /home/u279818898/domains/saharsanow.com/public_html/wp-content/themes/newsphere/inc/youtube-subscribe-post-button.php on line 55
09/09/2026 1:32 PM Total Views: 10963
महिषी स्थित श्री कारू खिरहरी से जुड़े धार्मिक न्यास में न्यासधारी की नियुक्ति को लेकर सवाल और चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच निरंजन कुमार ने अपनी नियुक्ति को लेकर अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी नियुक्ति किसी नए आधार पर नहीं, बल्कि पारिवारिक वंश परंपरा, पुराने वसीयतनामों और उत्तराधिकारीनामों में दर्ज परंपरा के आधार पर हुई है।
निरंजन कुमार के मुताबिक, श्री कारू खिरहरी उनके पूर्वज थे। उनका कहना है कि आगे वंश नहीं चलने के बाद उत्तराधिकार उनके छोटे भाई लक्षण खिरहरी के वंश में चला गया। इसी पारिवारिक उत्तराधिकार परंपरा को अपनी नियुक्ति का आधार बताते हुए उन्होंने पुराने दस्तावेजों का हवाला दिया है।
Read Also This:
निरंजन कुमार ने विशेष रूप से 5 मार्च 1889 के वसीयतनामा का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, इस दस्तावेज में महंत और प्रबंधक की नियुक्ति से जुड़ी परंपरा का उल्लेख मिलता है। उनका दावा है कि धार्मिक न्यास से जुड़ी जिम्मेदारी इसी ऐतिहासिक और पारिवारिक व्यवस्था के तहत आगे बढ़ती रही है।यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
उन्होंने यह भी बताया कि 3 जून 2024 को तारणी खिरहरी ने उन्हें उत्तराधिकारी एवं प्रबंधक नियुक्त किया था। निरंजन कुमार के अनुसार, इसी आधार पर धार्मिक न्यास परिषद की ओर से उनकी नियुक्ति की गई।
हालांकि, न्यासधारी नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों और आपत्तियों के बीच पूरे मामले में संबंधित दस्तावेजों, पारिवारिक उत्तराधिकार और धार्मिक न्यास परिषद के निर्णय की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस विवाद से जुड़े अलग-अलग पक्षों के दावों और दस्तावेजों की स्थिति सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
इस वीडियो में जानिए निरंजन कुमार ने अपनी नियुक्ति को लेकर क्या दावा किया, 1889 के वसीयतनामा में क्या आधार बताया जा रहा है और धार्मिक न्यास से जुड़ा यह पूरा मामला क्या है।
सहरसा और कोसी क्षेत्र की महत्वपूर्ण खबरों, ग्राउंड रिपोर्ट और स्थानीय अपडेट के लिए जुड़े रहिए Saharsa Now के साथ।
हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें : क्लिक करें
खबर में दी गई जानकारी और सूचना से क्या आप संतुष्ट हैं? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
जो करता है एक लोकतंत्र का निर्माण।
यह है वह वस्तु जो लोकतंत्र को जीवन देती नवीन
महिषी में न्यासधारी नियुक्ति पर सवाल निरंजन कुमार ने रखा पक्ष पुराने दस्तावेजों का हवाला
SAHARSA NOW से ब्रेकिंग न्यूज़: महिषी स्थित श्री कारू खिर...
महिषी स्थित श्री कारू खिरहरी से जुड़े धार्मिक न्यास में न्यासधारी की नियुक्ति को लेकर सवाल और चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच निरंजन कुमार ने अपनी नियुक्ति को लेकर अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी नियुक्ति किसी नए आधार पर नहीं, बल्कि पारिवारिक वंश परंपरा, पुराने वसीयतनामों और उत्तराधिकारीनामों में दर्ज परंपरा के आधार पर हुई है। निरंजन कुमार के मुताबिक, श्री कारू खिरहरी उनके पूर्वज थे। उनका कहना है कि आगे वंश नहीं चलने के बाद उत्तराधिकार उनके छोटे भाई लक्षण खिरहरी के वंश में चला गया। इसी पारिवारिक उत्तराधिकार परंपरा को अपनी नियुक्ति का आधार बताते हुए उन्होंने पुराने दस्तावेजों का हवाला दिया है।
निरंजन कुमार ने विशेष रूप से 5 मार्च 1889 के वसीयतनामा का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, इस दस्तावेज में महंत और प्रबंधक की नियुक्ति से जुड़ी परंपरा का उल्लेख मिलता है। उनका दावा है कि धार्मिक न्यास से जुड़ी जिम्मेदारी इसी ऐतिहासिक और पारिवारिक व्यवस्था के तहत आगे बढ़ती रही है। उन्होंने यह भी बताया कि 3 जून 2024 को तारणी खिरहरी ने उन्हें उत्तराधिकारी एवं प्रबंधक नियुक्त किया था। निरंजन कुमार के अनुसार, इसी आधार पर धार्मिक न्यास परिषद की ओर से उनकी नियुक्ति की गई। हालांकि, न्यासधारी नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों और आपत्तियों के बीच पूरे मामले में संबंधित दस्तावेजों, पारिवारिक उत्तराधिकार और धार्मिक न्यास परिषद के निर्णय की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस विवाद से जुड़े अलग-अलग पक्षों के दावों और दस्तावेजों की स्थिति सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। इस वीडियो में जानिए निरंजन कुमार ने अपनी नियुक्ति को लेकर क्या दावा किया, 1889 के वसीयतनामा में क्या आधार बताया जा रहा है और धार्मिक न्यास से जुड़ा यह पूरा मामला क्या है। सहरसा और कोसी क्षेत्र की महत्वपूर्ण खबरों, ग्राउंड रिपोर्ट और स्थानीय अपडेट के लिए जुड़े रहिए Saharsa Now के साथ।
Design By Mytesta +91 9988775158




