VO Script (लगभग 300 शब्दों में): VO: सुपौल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर नगर परिषद के कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नगर परिषद कार्यालय में तालाबंदी कर धरना शुरू कर दिया।

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बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन, इकाई सुपौल के बैनर तले गुरुवार से नगर परिषद सुपौल के कर्मचारी आंदोलन पर चले गए। हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय से विरोध मार्च निकाला। यह मार्च लोहिया नगर चौक, रेलवे स्टेशन चौक, महावीर चौक सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान कर्मचारियों ने बिहार सरकार और नगर विकास विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। फेडरेशन के महामंत्री मोहम्मद असजद आलम उर्फ अप्पू ने कहा कि सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद हड़ताल का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि नगर निकायों में वर्षों से काम कर रहे दैनिक वेतनभोगी, संविदा और अस्थायी कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी सेवा नियमित नहीं की गई है। कर्मचारियों की पहली मांग सभी कर्मियों का नियमितीकरण है। वहीं दूसरी मांग नगर निकायों में लागू ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को खत्म करना है। कर्मचारियों का आरोप है कि इस व्यवस्था से उनका आर्थिक और सामाजिक शोषण हो रहा है। इसके अलावा तीसरी मांग एसीपी और एमएसीपी योजना को लागू करने तथा वर्षों से लंबित बकाया राशि का भुगतान करने की है। प्रदर्शन के बाद सभी कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सुपौल से अख्तरुल इस्लाम की रिपोर्ट।