Analogue Paneer का सच: मोमो, पिज्जा और बर्गर में क्या खा रहे हैं आप? | FSSAI Action Explained क्या आपके मोमो, पिज्जा या बर्गर में इस्तेमाल होने वाला “पनीर” वास्तव में डेयरी पनीर है? Analogue Paneer यानी गैर-डेयरी पनीर जैसे उत्पादों को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। इस SPECIAL EXPLAINER में हम समझेंगे कि Analogue Paneer आखिर क्या है, FSSAI ने इस पर क्या कार्रवाई की है और इसका आम ग्राहक के खाने से क्या संबंध है। पारंपरिक पनीर दूध से तैयार होता है, जबकि analogue या non-dairy paneer में vegetable fat/oil, starch और emulsifiers जैसे अलग-अलग ingredients इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसका रंग और texture पनीर जैसा हो सकता है, लेकिन composition अलग होती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल सिर्फ यह नहीं है कि product में क्या इस्तेमाल किया गया, बल्कि यह भी है कि ग्राहक को उसके बारे में सही जानकारी दी

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जा रही है या नहीं। 29 अप्रैल 2026 को PIB के जरिए जारी FSSAI के public notice में cheese analogue को “paneer” के नाम से बेचने को गंभीर उल्लंघन बताया गया। Food businesses को products की सही पहचान, procurement की निगरानी और जहां लागू हो, menu या display board पर analogue के इस्तेमाल की जानकारी देने पर जोर दिया गया। इस वीडियो में यह भी समझेंगे कि क्या पूरे देश में Analogue Paneer पर blanket ban लागू हो चुका है? अलग-अलग राज्यों में हुई कार्रवाई क्या है? और मोमो, पिज्जा या बर्गर खाने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? एक जरूरी बात—हर analogue product को “जहर” कहना सही नहीं है और यह भी नहीं माना जा सकता कि हर मोमो, पिज्जा या बर्गर में analogue paneer इस्तेमाल हो रहा है। किसी specific product की safety उसकी composition, standards और सही labelling पर निर्भर करती है।