बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी के दिन बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें कई श्रद्धालु भीड़ के बीच दब गए। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या आठ भी बताई गई है, इसलिए आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि का इंतजार है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर के पास भारी भीड़ के बीच बिजली के खंभे या तार से जुड़ी अफवाह फैलने के बाद श्रद्धालुओं में अचानक डर और अफरा-तफरी का माहौल

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बन गया। जिला प्रशासन के अनुसार मौतें करंट लगने से नहीं, बल्कि भगदड़ के दौरान भीड़ में दबने के कारण हुईं। बताया गया कि एक ही समय में दो ट्रेनों के पहुंचने से भी आसपास श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई थी। इसके बाद बैरिकेडिंग पर दबाव बढ़ा और स्थिति बेकाबू हो गई। हादसे के बाद मौके पर पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें पहुंचीं। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इस दर्दनाक घटना ने धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ के दौरान सुरक्षा, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है। Saharsa Now — हर खबर, आप तक।