नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार में नदियों के जरिए आने वाली मछलियों को लेकर लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण advisory जारी की गई है। बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के पानी से पकड़ी गई अज्ञात या असामान्य दिखने वाली मछलियों को खरीदने, बेचने और खाने से बचें। लेकिन आखिर ऐसी सलाह क्यों जारी की गई? क्या नेपाल की बाढ़ के साथ अनजान मछलियां बिहार के इलाकों तक पहुंच सकती हैं? क्या ऐसी मछलियों को खाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है? और अगर आपके आसपास ऐसी मछली दिखाई दे तो क्या सावधानी बरतनी चाहिए? इस वीडियो में इन्हीं सवालों को आसान भाषा में समझाया गया है।

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बाढ़ के दौरान तेज बहाव वाला पानी अपने साथ मिट्टी, मलबे और कई तरह के जलीय जीवों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा सकता है। वहीं बाढ़ का पानी कई जगहों से होकर गुजरता है, जिसके कारण उसमें गंदगी, सीवेज और अन्य प्रदूषक मिल सकते हैं। ऐसे में बाढ़ के पानी से पकड़ी गई किसी मछली की सुरक्षा बिना उचित पहचान या जांच के तय करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, यह समझना बेहद जरूरी है कि सरकार ने नेपाल से आने वाली हर मछली को जहरीली या खतरनाक नहीं बताया है। इसलिए सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और बिना पुष्टि के दावों से बचना जरूरी है। अगर आपके गांव, नदी, तालाब या बाढ़ प्रभावित इलाके में कोई ऐसी मछली दिखाई देती है जिसकी पहचान आपको नहीं है या जो सामान्य से अलग नजर आती है, तो उसे खाने या बाजार में बेचने की जल्दबाजी न करें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन या मत्स्य विभाग को इसकी जानकारी दें। बाढ़ के दौरान सिर्फ पानी और बिजली से नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीजों को लेकर भी सावधानी जरूरी है। नेपाल बाढ़, बिहार मछली Advisory, अज्ञात मछली और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए वीडियो अंत तक जरूर देखें।