सहरसा में 22 साल देश सेवा के बाद गांव लौटे जवान का ऐतिहासिक स्वागत सहरसा जिले के एक गांव में उस समय भावुक और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला, जब भारतीय सेना में 22 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद जवान उमेश कुमार अपने पैतृक गांव लौटे। उनके स्वागत के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। गांव की गलियां लोगों से भर गईं और हर ओर देशभक्ति के नारों के साथ खुशी का माहौल नजर आया।

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गांव के लोगों ने उमेश कुमार का भव्य स्वागत बैंड-बाजे, फूल-मालाओं और फूलों की बारिश के साथ किया। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी अपने इस वीर सपूत की एक झलक पाने के लिए सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था मानो पूरा गांव अपने हीरो के स्वागत के लिए ठहर गया हो। बताया गया कि उमेश कुमार ने अपने सैन्य जीवन का लंबा समय देश की सीमाओं पर बिताया। हाल के वर्षों में वे राजस्थान के जैसलमेर बॉर्डर पर तैनात थे, जहां उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ मातृभूमि की रक्षा की। सेवा अवधि पूरी होने के बाद जब वे गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका अभूतपूर्व सम्मान किया। ग्रामीणों ने कहा कि उमेश कुमार ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है। उनका अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। लोगों ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनके स्वस्थ और सुखद भविष्य की कामना की। उमेश कुमार ने भी गांववासियों के इस स्नेह और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है और अपने गांव के लोगों से मिला यह प्यार उनके लिए किसी सम्मान से कम नहीं है। इस ऐतिहासिक स्वागत समारोह ने पूरे क्षेत्र में देशभक्ति और सैनिकों के प्रति सम्मान का एक प्रेरणादायक संदेश दिया।