सहरसा और सुपौल जिले से जुड़ी 9 बड़ी खबरें सामने आई हैं। सहरसा नगर निगम की विभिन्न योजनाओं में कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन की शिकायत के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग की चार सदस्यीय टीम ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर फाइलों और अभिलेखों की जांच की। टीम ने कई योजनाओं का स्थल निरीक्षण भी किया। अब जांच रिपोर्ट के बाद आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी। सहरसा में बढ़ती महंगाई के खिलाफ सीपीएम ने आक्रोश मार्च निकाला और चांदनी चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। वहीं सुपौल में भी युवा कांग्रेस ने महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया और रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

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सत्तर कटैया की बारा पंचायत के सफाईकर्मियों ने 17 महीनों से लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने आर्थिक संकट का हवाला देते हुए जल्द भुगतान और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। सहरसा के राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय के अतिथि सहायक प्राध्यापक नियमितीकरण की मांग को लेकर 25 अगस्त को पटना में आयोजित पैदल मार्च में शामिल होंगे। वे सेवा स्थायी करने और मूल वेतनमान पर नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। बनगांव क्षेत्र में शिव शिष्यता के तीन सूत्र विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें युवाओं को नशे से दूर रहने और सामाजिक कार्यों से जुड़ने का संदेश दिया गया। सौर बाजार के गजाधर साहू उच्च विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य फिरोज आलम के निधन से विद्यालय परिवार में शोक है। वहीं सहरसा में जमीन विवाद को लेकर 66 वर्षीय दिव्यांग महिला ने मारपीट और कब्जे के प्रयास का आरोप लगाया है। इसके अलावा सुपौल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन ने मरीजों को दिए जाने वाले भोजन का औचक निरीक्षण किया। खराब खाद्य सामग्री मिलने पर उसे हटाने का निर्देश देते हुए लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।