सहरसा पुलिस की मॉक ड्रिल: दंगा नियंत्रण के लिए वाटर कैनन और विशेष सुरक्षा उपकरणों का किया गया अभ्यास सहरसा। कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से गुरुवार को सहरसा पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास की निगरानी कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने की। हाल के दिनों में दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में हुए आंदोलनों के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संभावित चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को लगातार परख रहा है।

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मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस जवानों ने उग्र भीड़, पथराव, विरोध प्रदर्शन और तनावपूर्ण हालात जैसी काल्पनिक परिस्थितियों का अभ्यास किया। प्रदर्शनकारियों की भूमिका निभा रहे जवानों द्वारा पथराव की स्थिति बनाई गई, जिसके जवाब में पुलिस ने तय रणनीति के तहत भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया। इस दौरान वाटर कैनन का उपयोग कर भीड़ को तितर-बितर करने का अभ्यास किया गया। अभ्यास के दौरान दंगा नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाले विशेष सुरक्षा उपकरणों का भी प्रदर्शन किया गया। जवानों ने बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, ढाल और अन्य सुरक्षा संसाधनों का उपयोग करते हुए यह दिखाया कि किसी भी हिंसक स्थिति में पुलिस किस तरह अपनी सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। साथ ही रणनीतिक घेराबंदी, भीड़ को नियंत्रित करने की तकनीक और टीम समन्वय का भी अभ्यास कराया गया। डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल का उद्देश्य पुलिस बल को हर परिस्थिति के लिए प्रशिक्षित और तैयार रखना है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना के दौरान त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जवानों की तैयारियों का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हैं।