प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात छात्रों को संबोधित करते हुए छात्र आंदोलन और शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों से शांति, अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनका उत्साह, ऊर्जा तथा सकारात्मक सोच भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि अपनी बात को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखें तथा किसी भी प्रकार की हिंसा, अफवाह या गलत सूचना से दूर रहें। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनने के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी तथा

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अवसरों से भरपूर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और डिजिटल भारत जैसे विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को नई तकनीकों, नवाचार और उद्यमिता की ओर बढ़ना चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संवाद ही हर समस्या का सबसे प्रभावी समाधान है और सरकार सभी पक्षों से बातचीत के लिए हमेशा तैयार है।