सहरसा में SIR यानी Special Intensive Revision और चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर महागठबंधन ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतलों का दहन किया गया। प्रदर्शन स्थल पर महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाए। नेताओं ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में होने वाले बदलावों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और स्पष्टता जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ

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अपनी नाराजगी जाहिर की। महागठबंधन की ओर से पहले ही राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। इसके तहत 7 अक्टूबर को प्रखंड स्तर पर प्रदर्शन और 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई थी। इसी क्रम में सहरसा में भी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों और आपत्तियों को सामने रखा। SIR का मुद्दा इस समय बिहार की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल और आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों को विपक्षी नेताओं के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक जानकारी और चुनाव आयोग के निर्णयों से स्पष्ट होगी। सहरसा के इस प्रदर्शन में महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। देखिए सहरसा से SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ महागठबंधन के प्रदर्शन की पूरी तस्वीर, नेताओं ने क्या कहा और प्रदर्शन के दौरान क्या रहा माहौल। बिहार की राजनीति, चुनाव और सहरसा की हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहिए Saharsa Now के साथ।