कोसी-मिथिलांचल में चौरचन पूजा की धूम! जनता से बातचीत में दिखी लोकपरंपरा की खास झलक
14/09/2026 6:06 PM Total Views: 3508
कोसी-मिथिलांचल में चौरचन पूजा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। मिथिला की लोकपरंपरा और संस्कृति से जुड़े इस पर्व पर लोगों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। चांद की पूजा से जुड़ा यह पारंपरिक पर्व स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने का भी अवसर है।
Saharsa Now की Ground Report में लोगों से सीधी बातचीत कर यह जानने की कोशिश की गई कि चौरचन पर्व उनके लिए क्यों खास है और इस दिन से जुड़ी कौन-कौन सी पारंपरिक मान्यताएं आज भी लोगों के बीच कायम हैं। बातचीत में लोगों ने चौरचन पूजा से जुड़ी अपनी यादें, लोकपरंपराएं और परिवार में मनाए जाने वाले इस पर्व की खासियत साझा की।
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चौरचन पूजा के दौरान घरों में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पकवान, फल, मिठाइयां और अन्य प्रसाद तैयार किए जाते हैं। पूजा के दौरान चंद्रमा को अर्घ्य और भोग अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। इस अवसर पर मिथिला की पारंपरिक संस्कृति और खान-पान की भी खास झलक देखने को मिलती है।यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
इस पर्व के दौरान कोसी-मिथिलांचल के कई इलाकों में लोगों के बीच उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। परिवार के सदस्य एक साथ पूजा में शामिल हुए और नई पीढ़ी को अपनी लोकपरंपराओं से जोड़ने का प्रयास भी किया।
इस वीडियो में देखिए चौरचन पूजा पर जनता ने क्या कहा, मिथिला की इस लोकपरंपरा का क्या महत्व है और पूजा के दौरान कैसा रहा माहौल। साथ ही सुनिए लोगों से जुड़ी खास बातें और देखिए चौरचन पर्व की जमीनी तस्वीर।
Chaurchan Festival, Chauth Chand, Mithila Culture, Mithila Tradition और Bihar Culture से जुड़ी ऐसी ही खास ग्राउंड रिपोर्ट के लिए जुड़े रहिए Saharsa Now के साथ।
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जो करता है एक लोकतंत्र का निर्माण।
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कोसी-मिथिलांचल में चौरचन पूजा की धूम! जनता से बातचीत में दिखी लोकपरंपरा की खास झलक
SAHARSA NOW से ब्रेकिंग न्यूज़: कोसी-मिथिलांचल में चौरचन...
कोसी-मिथिलांचल में चौरचन पूजा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। मिथिला की लोकपरंपरा और संस्कृति से जुड़े इस पर्व पर लोगों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। चांद की पूजा से जुड़ा यह पारंपरिक पर्व स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने का भी अवसर है। Saharsa Now की Ground Report में लोगों से सीधी बातचीत कर यह जानने की कोशिश की गई कि चौरचन पर्व उनके लिए क्यों खास है और इस दिन से जुड़ी कौन-कौन सी पारंपरिक मान्यताएं आज भी लोगों के बीच कायम हैं। बातचीत में लोगों ने चौरचन पूजा से जुड़ी अपनी यादें, लोकपरंपराएं और परिवार में मनाए जाने वाले इस पर्व की खासियत साझा की।
चौरचन पूजा के दौरान घरों में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पकवान, फल, मिठाइयां और अन्य प्रसाद तैयार किए जाते हैं। पूजा के दौरान चंद्रमा को अर्घ्य और भोग अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। इस अवसर पर मिथिला की पारंपरिक संस्कृति और खान-पान की भी खास झलक देखने को मिलती है। इस पर्व के दौरान कोसी-मिथिलांचल के कई इलाकों में लोगों के बीच उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। परिवार के सदस्य एक साथ पूजा में शामिल हुए और नई पीढ़ी को अपनी लोकपरंपराओं से जोड़ने का प्रयास भी किया। इस वीडियो में देखिए चौरचन पूजा पर जनता ने क्या कहा, मिथिला की इस लोकपरंपरा का क्या महत्व है और पूजा के दौरान कैसा रहा माहौल। साथ ही सुनिए लोगों से जुड़ी खास बातें और देखिए चौरचन पर्व की जमीनी तस्वीर। Chaurchan Festival, Chauth Chand, Mithila Culture, Mithila Tradition और Bihar Culture से जुड़ी ऐसी ही खास ग्राउंड रिपोर्ट के लिए जुड़े रहिए Saharsa Now के साथ।
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