सहरसा सदर अस्पताल से इस वक्त की एक गंभीर खबर सामने आई है, जहां नवजात की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नवजात की मौत से परिवार में मातम का माहौल है, वहीं घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति भी देखने को मिली। परिजनों का आरोप है कि नवजात के इलाज के दौरान अस्पताल में उचित ध्यान नहीं दिया गया और कथित लापरवाही के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई। इसके बाद नवजात की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में अपनी नाराजगी जाहिर की और मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। नवजात की मौत के बाद परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों ने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और इलाज की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार के लोगों का

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कहना है कि अगर समय पर बेहतर इलाज और उचित देखभाल मिलती, तो शायद नवजात की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इलाज में लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई? अस्पताल में उसका इलाज किस तरह किया जा रहा था? परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर क्या आरोप लगाए? और इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन की ओर से क्या जानकारी सामने आती है? फिलहाल मामले को लेकर परिजनों में नाराजगी है और वे उचित जांच एवं कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।