सहरसा की पहचान और सांस्कृतिक शान रहा कला भवन आज अपनी बदहाली पर सवाल खड़े कर रहा है। कभी यह जगह कला, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र हुआ करती थी। यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों के जरिए शहर की प्रतिभाओं को मंच मिलता था। लेकिन आज कला भवन की मौजूदा तस्वीर देखकर स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता साफ दिखाई देती है। देखरेख के अभाव में इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल की स्थिति लगातार खराब होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। परिसर में अव्यवस्था, साफ-सफाई की कमी और कई जरूरी चीजों के गायब होने को लेकर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस कला भवन को सहरसा की सांस्कृतिक पहचान माना जाता था, उसकी सुरक्षा और रखरखाव

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पर लंबे समय से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह भी है कि परिसर में असामाजिक गतिविधियों और नशे से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि उचित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण कला भवन का माहौल प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सहरसा के इस ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल की जिम्मेदारी किसकी है और इसकी बदहाली के लिए कौन जवाबदेह है? लोगों की मांग है कि प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द कला भवन की स्थिति का संज्ञान लें। परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा और रखरखाव की उचित व्यवस्था की जाए। साथ ही, जिन चीजों के गायब होने या नुकसान पहुंचने की शिकायतें हैं, उनकी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। Saharsa Now की Ground Report में देखिए सहरसा के कला भवन की बदहाल तस्वीर और जानिए स्थानीय लोगों की क्या मांग है। आखिर क्या फिर से कला भवन को उसकी पुरानी पहचान और गरिमा वापस मिल पाएगी?