सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड में कोसी नदी का कहर लगातार जारी है। भीषण कटाव की चपेट में आने से शीतली महादलित टोला के 8 घर नदी में विलीन हो गए हैं। अचानक हुए कटाव ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है, जिसके बाद पीड़ित लोग खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं। कोसी नदी के तेज कटाव से प्रभावित परिवारों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती रहने और खाने की व्यवस्था की है। जिन लोगों के घर नदी में समा गए, उनके पास रहने के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि कटाव ने उनकी वर्षों की मेहनत और आशियाने को कुछ ही समय में तबाह कर दिया। शीतली महादलित टोला में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। ग्रामीण लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। बेघर हुए परिवारों को राहत, सुरक्षित आवास और

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अन्य जरूरी सहायता की आवश्यकता है। प्रभावित लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले और पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल राहत की व्यवस्था करे। कोसी नदी के कटाव का खतरा केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के अन्य परिवार भी भय के माहौल में जी रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटाव का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो और भी घर और इलाके इसकी चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और राहत व्यवस्था पर टिकी हुई हैं। इस खास रिपोर्ट में देखिए सहरसा के नौहट्टा में कोसी नदी के भीषण कटाव की जमीनी तस्वीर। जानिए कैसे 8 घर नदी में विलीन हो गए और बेघर हुए परिवार किन मुश्किल परिस्थितियों में जीवन बिताने को मजबूर हैं। साथ ही सुनिए पीड़ित ग्रामीणों की आपबीती और प्रशासन से उनकी मदद की गुहार। रिपोर्ट में देखिए—कोसी के कटाव से उजड़े परिवारों का दर्द और शीतली महादलित टोला की भयावह जमीनी हकीकत।