खबर 1: सहरसा स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस का भव्य समारोह 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सहरसा स्टेडियम में भव्य मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा मंत्री सह सहरसा प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। जैसे ही तिरंगा आसमान में लहराया, पूरा स्टेडियम देशभक्ति के रंग में डूब गया। राष्ट्रगान के दौरान अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिसकर्मी और आम लोगों ने सम्मानपूर्वक तिरंगे को सलामी दी। कार्यक्रम में सहरसा के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, डीआईजी समेत कई वरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ पूरे कार्यक्रम स्थल की निगरानी की गई।

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ध्वजारोहण के बाद मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। समारोह के दौरान विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने समारोह को और खास बना दिया। बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। देशभक्ति गीतों और नारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। इस दौरान लोगों ने देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति का माहौल बना रहा। खबर 2: डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने फहराया तिरंगा 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कोसी क्षेत्र के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने सहरसा स्थित कार्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी। ध्वजारोहण के दौरान पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने पूरे अनुशासन के साथ राष्ट्रध्वज को सम्मान दिया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डीआईजी ने देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने पुलिस पदाधिकारियों, जवानों और आम नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि इसे सुरक्षित और मजबूत बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव कायम रखने की अपील की। डीआईजी ने सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर सहयोग को जरूरी बताया। उन्होंने नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास करने और नशामुक्त समाज बनाने में सभी लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना समाज और देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। स्वतंत्रता दिवस के इस कार्यक्रम में देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना साफ नजर आई। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का समापन देश की शांति, समृद्धि और अखंडता की कामना के साथ हुआ। खबर 3: सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए समाजसेवी की अनोखी पहल देश को आजाद हुए 80 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के कई बच्चे बेहतर शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। सहरसा जिले के कई गांवों और पंचायतों में सरकारी स्कूल तो मौजूद हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण बच्चों को पढ़ाई में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कहीं बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं तो कहीं पर्याप्त शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती। ऐसे बच्चों की मदद के लिए सहरसा के समाजसेवी और पप्पू ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष विक्रम यादव लगातार प्रयास कर रहे हैं। विक्रम यादव हर साल महापर्व के अवसर पर खजूरी पंचायत के सैकड़ों सरकारी स्कूलों के बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री का वितरण करते हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनमें शिक्षा के प्रति रुचि और उत्साह पैदा करना भी है। पाठ्य सामग्री मिलने के बाद बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिलती है और उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। समाजसेवी का मानना है कि ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों को यदि सही अवसर और संसाधन मिलें तो वे भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उनकी यह पहल समाज के अन्य लोगों को भी जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए आगे आने का संदेश देती है। आज जब शिक्षा को हर बच्चे का अधिकार माना जाता है, ऐसे में समाज के सक्षम लोगों की छोटी-छोटी पहल बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विक्रम यादव की पहल ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल बच्चों को पढ़ाई के लिए मदद मिल रही है, बल्कि समाज में सहयोग और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत हो रही है। खबर 4: बिहार में ELC 2.0 से बढ़ेगी चुनावी जागरूकता बिहार में चुनावी जागरूकता को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग का उच्चस्तरीय दल 16 और 17 अगस्त को बिहार के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहा है। इस दौरे के दौरान राज्य में Electoral Literacy Clubs यानी ELC 2.0 के नए चरण की शुरुआत की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना तथा उन्हें मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। ELC 2.0 के माध्यम से कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न स्तरों पर युवाओं के बीच चुनावी साक्षरता को मजबूत करने की योजना है। खास बात यह है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार जेन जी के युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े जमीनी स्तर के अधिकारियों के साथ सीधे संवाद करेंगे। इस संवाद के जरिए युवाओं की भागीदारी, उनके सवालों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उनकी समझ को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। लोकतंत्र में मतदान को सबसे महत्वपूर्ण नागरिक अधिकारों में से एक माना जाता है। ऐसे में युवाओं को सही समय पर चुनावी प्रक्रिया की जानकारी देना आने वाले समय में जागरूक मतदाता तैयार करने में मददगार हो सकता है। ELC 2.0 का उद्देश्य युवाओं को केवल मतदान करने के लिए प्रेरित करना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ना भी है। बिहार में इस पहल की शुरुआत को चुनावी साक्षरता को मजबूत करने की दिशा में अहम कद