बिहार में कचरे से बनेगी बिजली, गैस और खाद! 13 नगर निकायों के लिए ₹514 करोड़ की बड़ी परियोजना मंजूर पटना: बिहार सरकार ने ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) को नई दिशा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 13 नगर निकायों में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और उससे बिजली, बायोगैस तथा जैविक खाद बनाने की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब ₹514 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल शहरों में कचरे की समस्या कम होगी, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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कचरे से बनेगी बिजली, गैस और खाद परियोजना के तहत नगर निकायों से एकत्र किए जाने वाले ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा। जैविक कचरे से बायोगैस और जैविक खाद तैयार की जाएगी, जबकि अन्य उपयुक्त अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में भी काम होगा। 13 नगर निकायों को मिलेगा लाभ इस योजना का लाभ राज्य के 13 नगर निकायों को मिलेगा। आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू होने से शहरों में कचरे का बेहतर निस्तारण होगा और खुले में कचरा फेंकने की समस्या कम होने की उम्मीद है। ₹514 करोड़ की परियोजना से बदलेगी तस्वीर करीब ₹514 करोड़ की इस परियोजना से शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं और नगर निकायों की कार्यक्षमता में सुधार होने की संभावना है। कचरा बनेगा आय का स्रोत विशेषज्ञों के अनुसार, यदि परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो कचरा केवल निस्तारण का विषय नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा और खाद उत्पादन के माध्यम से आर्थिक संसाधन भी बन सकेगा।