सहरसा—मखाना की राजधानी, लेकिन विकास आज भी अधूरा! मखाना, ईंट, जूट, मकई… सबका बड़ा उत्पादन, फिर भी उद्योग नहीं, रोजगार नहीं! युवा पलायन, किसान परेशान, और कोसी क्षेत्र सिर्फ वादों में चमकता हुआ दिखाई देता है। क्या सहरसा की असली तस्वीर कभी बदलेगी? जानिए क्यों देश का मखाना बाजार सहरसा से चलता है—लेकिन सहरसा खुद नहीं चल पाता! पूरी ग्राउंड रिपोर्ट अभी देखें!
