क्या अब ट्रैफिक चालान नहीं भरने पर उसका जुर्माना बिजली बिल में जोड़ दिया जाएगा? सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों के बीच यह सवाल तेजी से चर्चा में है। लेकिन इस खबर की सबसे जरूरी बात यह है कि अभी पूरे देश में ऐसा कोई नियम लागू नहीं हुआ है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में लंबित ई-चालानों की वसूली से जुड़े मामले पर सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सुनवाई में बताया गया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ई-चालानों के जरिए करीब 45 हजार करोड़ रुपये की रकम वसूलनी है। इनमें से लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि करीब 20 हजार करोड़ रुपये अभी भी लंबित बताए गए।

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इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट की ओर से बकाया चालानों की प्रभावी वसूली के तरीकों पर विचार किया गया। इसी चर्चा में यह सुझाव सामने आया कि ट्रैफिक चालान नहीं भरने वालों से बकाया रकम की वसूली के लिए उसे बिजली के बकाये से जोड़ने जैसे विकल्प पर विचार किया जा सकता है। लेकिन इसे किसी नए लागू नियम या देशव्यापी आदेश के तौर पर नहीं समझना चाहिए। फिलहाल ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि हर बकाया ट्रैफिक चालान अपने-आप बिजली बिल में जुड़ जाएगा। सुनवाई के दौरान लंबित चालानों की वसूली के लिए अन्य संभावित उपायों पर भी चर्चा हुई, जिनमें वाहन से जुड़ी कुछ सेवाओं या दस्तावेजों पर कार्रवाई जैसे विकल्प शामिल हैं। इस वीडियो में जानिए सुप्रीम कोर्ट में क्या चर्चा हुई, करीब 20 हजार करोड़ रुपये के लंबित ई-चालानों का मामला क्या है, बिजली बिल से चालान जोड़ने का सुझाव कैसे सामने आया और वाहन मालिकों को फिलहाल क्या समझना चाहिए। Saharsa Now पर देखिए पूरी खबर और समझिए—सुझाव और लागू नियम में आखिर क्या अंतर है।