सहरसा और आसपास के इलाकों से जुड़ी 10 बड़ी और अहम खबरें लेकर आए हैं। सबसे पहले बात बाढ़ की, जहां पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर कई इलाकों में कोसी का पानी घरों तक पहुंच गया है। सड़कें डूबने और घरों के आसपास पानी जमा होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। लोग पीने के पानी, भोजन, मवेशियों के चारे और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर चिंतित हैं। सिमरी बख्तियारपुर में बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने पूर्वी कोसी तटबंध और संवेदनशील स्परों की निगरानी बढ़ा दी है। एसडीओ आलोक राय ने स्पर संख्या 116 और 117.15 सहित तटबंध का निरीक्षण कर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

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वहीं सहरसा नगर निगम के वार्ड 34 में जलजमाव और नाला निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित करने का आश्वासन दिया गया है। नौहट्टा की केदली पंचायत में बढ़ते जलस्तर से कई घरों में पानी घुस गया है। ग्रामीणों ने राहत, त्रिपाल और सुरक्षित आश्रय की मांग की है। विश्व पर्यटन दिवस पर महिषी के उग्रतारा मंदिर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां नालसा की योजनाओं और मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। पितृपक्ष के पहले दिन शिवनगर के ग्रामीणों ने महर्षि गौतम आश्रम के पवित्र पोखर में स्नान, तर्पण और पिंडदान किया। बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पीजी सेंटर में ‘श्रम प्रवासन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था’ पर संगोष्ठी आयोजित हुई। सहरसा के 18 वर्षीय युवा साहित्यकार अर्पित रंजन को वाराणसी में ‘काशी गौरव सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। जिला स्कूल में ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता आयोजित हुई। वहीं नदी दिवस पर पर्यावरण प्रेमी भगवानजी पाठक ने नदियों के संरक्षण, बाढ़ प्रबंधन और बिहार में नदी विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग उठाई। सहरसा और कोसी क्षेत्र की स्थानीय खबरों के लिए जुड़े रहिए Saharsa Now के साथ।