सहरसा में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान तेज होता नजर आ रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। दुकानदारों को नोटिस देकर निर्धारित जगह खाली करने का निर्देश दिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अगर नोटिस के बाद भी दुकान या अतिक्रमित स्थान खाली नहीं किया गया, तो आगे बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की जा सकती है। अतिक्रमण अभियान के बीच सहरसा में नशे के खिलाफ भी सामाजिक स्तर पर आवाज मजबूत हो रही है। ग्रामीणों ने नशे की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने के लिए मोर्चा खोल दिया है। पंचायत स्तर पर नशे के कारोबारियों और नशे का सेवन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने की तैयारी की जा रही है।

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ग्रामीणों का कहना है कि नशे की बढ़ती समस्या का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है। नशे की लत से कई परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सामूहिक भागीदारी भी जरूरी है। स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों की बैठक और जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने की अपील की जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर समाज और प्रशासन मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चलाएं तो इसके कारोबार पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकती है। इस वीडियो में देखिए सहरसा में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती, दुकानदारों को दिए जा रहे नोटिस और नशे के खिलाफ ग्रामीणों की बढ़ती मुहिम से जुड़ी पूरी जानकारी। सहरसा और बिहार की हर बड़ी खबर, ग्राउंड रिपोर्ट और स्थानीय अपडेट के लिए Saharsa Now को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब जरूर करें।