06/09/2026 1:36 PM Total Views: 18736
सहरसा पुलिस को पॉक्सो मामले में बड़ी सफलता मिली है। सौरबाजार थाना क्षेत्र से जुड़े एक गंभीर मामले में विशेष न्यायालय, पॉक्सो, सहरसा ने अभियुक्त राज कुमार शर्मा को मृत्यु तक आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को सौरबाजार थाना में कांड संख्या 52/2026 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने मामले की जांच को प्राथमिकता देते हुए वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान किया और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को एकत्र किया।
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पुलिस के मुताबिक, जांच पूरी करने के बाद 14 मई 2026 को आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया गया। इसके बाद 23 मई को न्यायालय ने मामले में संज्ञान लिया और 4 जून को अभियुक्त के खिलाफ आरोप गठित किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी अनुसंधान को महत्वपूर्ण माना गया।यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर 2026 को विशेष पॉक्सो न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए मृत्यु तक आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
पुलिस ने बताया कि त्वरित अनुसंधान, प्रभावी साक्ष्य संकलन और लगातार ट्रायल मॉनिटरिंग के कारण मामले में अपेक्षाकृत कम समय में फैसला आया। पुलिस ने इसे पीड़ित को न्याय दिलाने और गंभीर अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
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SAHARSA NOW से ब्रेकिंग न्यूज़: सहरसा पुलिस को पॉक्सो मामले à...
सहरसा पुलिस को पॉक्सो मामले में बड़ी सफलता मिली है। सौरबाजार थाना क्षेत्र से जुड़े एक गंभीर मामले में विशेष न्यायालय, पॉक्सो, सहरसा ने अभियुक्त राज कुमार शर्मा को मृत्यु तक आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को सौरबाजार थाना में कांड संख्या 52/2026 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने मामले की जांच को प्राथमिकता देते हुए वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान किया और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को एकत्र किया।
पुलिस के मुताबिक, जांच पूरी करने के बाद 14 मई 2026 को आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया गया। इसके बाद 23 मई को न्यायालय ने मामले में संज्ञान लिया और 4 जून को अभियुक्त के खिलाफ आरोप गठित किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी अनुसंधान को महत्वपूर्ण माना गया। पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर 2026 को विशेष पॉक्सो न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए मृत्यु तक आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस ने बताया कि त्वरित अनुसंधान, प्रभावी साक्ष्य संकलन और लगातार ट्रायल मॉनिटरिंग के कारण मामले में अपेक्षाकृत कम समय में फैसला आया। पुलिस ने इसे पीड़ित को न्याय दिलाने और गंभीर अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
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