कारगिल की पहाड़ियों से लेकर अयोध्या के राम मंदिर तक—एयर मार्शल रिटायर्ड जितेंद्र मिश्रा की नई जिम्मेदारी इन दिनों चर्चा में है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया है। लेकिन आखिर कौन हैं जितेंद्र मिश्रा और हजारों आवेदनों के बीच उनके नाम का चयन क्यों हुआ? इस Special Explainer में जानिए जितेंद्र मिश्रा के लंबे सैन्य करियर से लेकर अयोध्या में मिली नई जिम्मेदारी तक की पूरी कहानी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पद के लिए 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। स्क्रीनिंग और चयन की कई प्रक्रियाओं के बाद उम्मीदवारों की संख्या कम होती गई और आखिरकार तीन नामों के पैनल में से जितेंद्र मिश्रा के

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नाम पर अंतिम मुहर लगी। जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम से अपना करियर शुरू किया और करीब चार दशक तक महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियां निभाईं। उनके करियर में फाइटर पायलट, टेस्ट पायलट और वरिष्ठ कमांड से जुड़ी भूमिकाएं शामिल रहीं। रिपोर्ट्स में उनके पास 3,000 से अधिक घंटे की उड़ान का अनुभव भी बताया गया है। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान Mirage-2000 से जुड़े अभियानों में उनकी भूमिका भी चर्चा में रही। बाद में वह भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे। अब चुनौती बिल्कुल अलग है। अयोध्या में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रशासनिक समन्वय, लॉजिस्टिक्स, संसाधनों और लगातार बढ़ती व्यवस्थाओं को सुचारू रखना उनके सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी। कारगिल से अयोध्या, फाइटर जेट से मंदिर प्रशासन तक—जितेंद्र मिश्रा की नई पारी की पूरी कहानी जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें। खबरों के हर पहलू को समझने के लिए जुड़े रहिए Saharsa Now के साथ।