सहरसा में छात्राओं का फूटा गुस्सा! किताबों की जगह पोस्टर लेकर सड़क पर उतरीं बच्चियां | Ground Report
26/08/2026 12:33 PM Total Views: 9036
जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए थीं, आखिर उन्हीं हाथों में आज अपनी मांगों के पोस्टर क्यों हैं? सहरसा के बलुआहा बाजार में सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं का सड़क पर उतरकर प्रदर्शन अब शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। मध्य विद्यालय पसतवार के सैकड़ों छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्य सड़क पर उतर आए और सड़क जाम कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि स्कूल परिसर और आसपास की जमीन पर कथित अवैध कब्जे की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि प्रशासन इस मामले में तत्काल कार्रवाई करे और स्कूल से जुड़ी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए। प्रदर्शन कर रहे बच्चों की एक बड़ी मांग स्कूल में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी है।
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खासकर छात्राओं ने पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था की मांग उठाई। उनका कहना है कि पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल के साथ जरूरी सुविधाएं मिलना भी उनका अधिकार है। प्रदर्शन के दौरान इलाके में कथित रूप से बढ़ते नशे के कारोबार का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। छात्रों ने स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों की कथित बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।यहाँ क्लिक करके हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें
सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया और उनकी मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद हालात को सामान्य करने की कोशिश की गई।
सवाल यही है कि जिन बच्चों को स्कूल में बैठकर पढ़ाई करनी चाहिए, उन्हें अपनी जायज मांगों के लिए सड़क पर उतरने की नौबत क्यों आई? क्या स्कूल परिसर से कथित अवैध कब्जे की समस्या दूर होगी? क्या छात्राओं को सुरक्षित शौचालय और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी? और क्या इलाके में कथित नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई होगी?
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SAHARSA NOW से ब्रेकिंग न्यूज़: जिन हाथों में किताबें और कलम...
जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए थीं, आखिर उन्हीं हाथों में आज अपनी मांगों के पोस्टर क्यों हैं? सहरसा के बलुआहा बाजार में सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं का सड़क पर उतरकर प्रदर्शन अब शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। मध्य विद्यालय पसतवार के सैकड़ों छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्य सड़क पर उतर आए और सड़क जाम कर दिया। छात्रों का आरोप है कि स्कूल परिसर और आसपास की जमीन पर कथित अवैध कब्जे की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि प्रशासन इस मामले में तत्काल कार्रवाई करे और स्कूल से जुड़ी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए। प्रदर्शन कर रहे बच्चों की एक बड़ी मांग स्कूल में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी है।
खासकर छात्राओं ने पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था की मांग उठाई। उनका कहना है कि पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल के साथ जरूरी सुविधाएं मिलना भी उनका अधिकार है। प्रदर्शन के दौरान इलाके में कथित रूप से बढ़ते नशे के कारोबार का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। छात्रों ने स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों की कथित बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया और उनकी मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद हालात को सामान्य करने की कोशिश की गई। सवाल यही है कि जिन बच्चों को स्कूल में बैठकर पढ़ाई करनी चाहिए, उन्हें अपनी जायज मांगों के लिए सड़क पर उतरने की नौबत क्यों आई? क्या स्कूल परिसर से कथित अवैध कब्जे की समस्या दूर होगी? क्या छात्राओं को सुरक्षित शौचालय और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी? और क्या इलाके में कथित नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई होगी?
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