बिहार पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। नए पंचायत परिसीमन के फैसले के बाद चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्य के संभावित उम्मीदवारों के लिए पंचायत की सीमाएं और सीटों की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। बिहार में नए परिसीमन का आधार 2011 की जनगणना की जनसंख्या को बनाया जा रहा है। वर्तमान में बिहार में 8,053 ग्राम पंचायतें हैं। नए परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है और कुछ रिपोर्टों में यह आंकड़ा करीब 12 हजार से 12,500 से अधिक तक पहुंचने का अनुमान बताया गया है। हालांकि अंतिम संख्या परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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परिसीमन का सीधा असर पंचायतों की सीमाओं, वार्डों और चुनावी क्षेत्रों पर पड़ सकता है। आबादी के आधार पर पंचायतों का पुनर्गठन होने से कई गांवों का पंचायत क्षेत्र बदल सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार ग्राम पंचायत के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों का गठन जनसंख्या के आधार पर किया जाता है और एक वार्ड की आबादी करीब 500 रखने का प्रावधान है। इसका असर मुखिया और सरपंच पद के साथ-साथ वार्ड सदस्य, पंच, पंचायत समिति और जिला परिषद की सीटों पर भी पड़ सकता है। वहीं आरक्षण की स्थिति भी चुनावी दावेदारों के लिए बेहद अहम होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने 2026 के पंचायत चुनाव के लिए 2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण निर्धारण से संबंधित जनसंख्या विवरण प्रकाशित किया है। ऐसे में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अपनी पंचायत की नई सीमा, अपने गांव या वार्ड की स्थिति और आरक्षण की अंतिम सूची पर नजर रखनी चाहिए। पंचायत चुनाव की तारीख से पहले परिसीमन और आरक्षण से जुड़े आधिकारिक आदेश सबसे महत्वपूर्ण होंगे। बिहार पंचायत चुनाव 2026 की हर बड़ी अपडेट और आपके गांव-पंचायत से जुड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए Saharsa Now।