सहरसा में ग्राम रक्षा दल सह पुलिस मित्रों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन सहरसा में मंगलवार को ग्राम रक्षा दल सह पुलिस मित्र के सैकड़ों सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कचहरी चौक से प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के ग्राम रक्षा दल के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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पैदल मार्च का नेतृत्व संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सिकेंद्र पासवान और सचिव बजरंग ने किया। कचहरी चौक पर जुटे सदस्यों ने हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी सदस्य अनुशासित तरीके से मार्च करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पंचायत राज अधिनियम 2004 और 2006 के तहत ग्राम रक्षा दल के सदस्य वर्षों से थाना अध्यक्षों और प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे गांवों में संध्या और रात्रि गश्ती, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, राष्ट्रीय पर्वों पर सुरक्षा व्यवस्था तथा बाढ़, भूकंप और आगजनी जैसी आपदाओं के समय प्रशासन की सहायता करते हैं। इसके बावजूद ग्राम रक्षा दल के सदस्यों को नियमित मानदेय नहीं मिल रहा है और उनकी सेवा को स्थायी भी नहीं किया गया है। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से कई मांगें रखीं। इनमें प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण शुरू करना, उचित मानदेय देना, सेवा का स्थायीकरण करना, बिहटा समेत अन्य प्रशिक्षण केंद्रों पर ‘आपदा मित्र’ का विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और वर्ष 2026-27 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम रक्षा दल के जवानों की आधिकारिक ड्यूटी लगाने की मांग शामिल है। प्रांतीय अध्यक्ष सिकेंद्र पासवान ने कहा कि ग्राम रक्षा दल के जवान लगातार जोखिम उठाकर पुलिस और प्रशासन का सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर तक बढ़ाया जाएगा। प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि ज्ञापन को आवश्यक कार्रवाई के लिए पंचायती राज विभाग और राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। सहरसा से नितिन सिंह की रिपोर्ट