अब सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा या कानून का उल्लंघन करने वाली पोस्ट पर कार्रवाई और तेज होने वाली है। बिहार सरकार ने ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जिससे आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज हो जाएगी। नमस्कार!

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मैं हूँ सानिया वर्मा और आप देख रहे हैं Saharsa Now। बिहार सरकार ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अवैध कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब तक फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विवादित पोस्ट हटाने का अधिकार केवल साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) के डीआईजी के पास था। लेकिन अब गृह विभाग ने यह अधिकार राज्य के सभी 12 पुलिस रेंज के आईजी और डीआईजी, साथ ही रेलवे आईजी/डीआईजी और पुलिस मुख्यालय के आईजी (कार्मिक) को भी दे दिया है। इसका मतलब है कि अब संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में आईटी एक्ट और डिजिटल मीडिया नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने के लिए सीधे सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस जारी कर सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया कैसे काम करेगी, इसे भी समझ लीजिए। सबसे पहले जिला पुलिस या पुलिस मुख्यालय की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम किसी आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान करेगी। इसके बाद मामला संबंधित एसपी के माध्यम से रेंज के आईजी या डीआईजी तक पहुंचेगा। अगर पोस्ट नियमों का उल्लंघन करती है, तो संबंधित अधिकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उसे हटाने या यूजर आईडी पर कार्रवाई करने के लिए नोटिस भेजेंगे। हालांकि, साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) के डीआईजी के पास भी यह अधिकार पहले की तरह बना रहेगा। सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जोनल स्तर पर अधिकार मिलने से विवादित कंटेंट पर कार्रवाई में अनावश्यक देरी कम होगी और आपत्तिजनक पोस्ट को जल्दी हटाया जा सकेगा। इस फैसले पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताइए। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो वीडियो को लाइक और शेयर करें, और ऐसी ही भरोसेमंद खबरों के लिए Saharsa Now को सब्सक्राइब करना न भूलें।