सहरसा: जिले में जलजमाव और खराब जलनिकासी व्यवस्था का मुद्दा अब बिहार विधान परिषद तक पहुंच गया है। मानसून के दौरान शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या को लेकर लोगों को हो रही परेशानी पर सवाल उठाए गए हैं। विधान परिषद में इस मुद्दे के उठने के बाद सहरसा की जलनिकासी व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में आ गई है। बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में पानी जमा हो जाने से आम लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों को परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से जलनिकासी की समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। विधान परिषद में सहरसा की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर भी इस समस्या के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है। लोगों

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की मांग है कि शहर में नालों की नियमित सफाई, जलनिकासी के बेहतर इंतजाम और लंबे समय से लंबित योजनाओं को जल्द पूरा किया जाए, ताकि बारिश के मौसम में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। शहरवासियों का कहना है कि हर साल मानसून के समय जलजमाव एक बड़ी समस्या बन जाती है। कई जगहों पर नालियां जाम होने और पर्याप्त निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। अब विधान परिषद में मामला उठने के बाद लोगों की नजर सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार जलनिकासी व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे और सहरसा को जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।