सहरसा में करोड़ों का कटाव निरोधक कार्य ध्वस्त, कोसी की मामूली लहरों में बहा निर्माण; ग्रामीणों ने की जांच की मांग रिपोर्ट: शमसुल होदा | सहरसा सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत सत्तौर पंचायत के नारायणपुर गांव में करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया कटाव निरोधक कार्य ध्वस्त होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण कोसी नदी की सामान्य लहरों के बीच ही पूरी संरचना क्षतिग्रस्त होकर नदी में समा गई।

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ग्रामीणों का कहना है कि घटना के समय कोसी नदी में न तो तेज बाढ़ थी और न ही जलस्तर असामान्य रूप से बढ़ा था। इसके बावजूद कटाव रोकने के लिए बनाई गई संरचना टिक नहीं सकी। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीण विनोद यादव, सूरज यादव, रामोतार यादव, गयाधर यादव, बिहारी यादव, दिगंबर यादव, मनोज यादव, राजेश्वर यादव, रातीलाल यादव और पीताम्बर यादव ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से किया गया होता, तो यह संरचना इतनी आसानी से ध्वस्त नहीं होती। ग्रामीणों ने कहा कि इस परियोजना पर सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन निर्माण की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हुआ। उनका कहना है कि इस घटना से न केवल सरकारी राशि की क्षति हुई है, बल्कि आसपास के गांवों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। यदि समय रहते दोबारा मजबूत कटाव निरोधक कार्य नहीं कराया गया, तो आगामी दिनों में कटाव का खतरा और बढ़ सकता है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य के ध्वस्त होने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे।